Kukke Subramanya Temple

यह महान Kukke Subramanya Temple हमारे Karnataka state में स्थित है | जानिए इस मंदिर की history, timing और best time to visit से जुडी जानकारी | भारतीय राज्य कर्नाटक के खुबसूरत एवं मनमोहक पश्चिमी घाट सीमा पर स्थित कुके सुब्रमण्य मंदिर जिसे कुके श्री सुब्रमन्य मंदिर के नाम से भी जाना जाता है | प्रसिद्द हिन्दू तीर्थ स्थलों में एक स्थल है सुब्रमण्य है, जो भारत के कर्नाटक राज्य के दक्षिण भाग के सुल्लिया नामक तालुक में एक छोटे से गाँव सुब्रमण्य में स्थित है | यह मंदिर अन्य सभी प्राचीन तीर्थ स्थानों में से एक है | धार्मिक कथाओ के अनुसार यहाँ भगवान सुब्रमण्य की पूजा नागो के स्वामी के रूप में किया जाता है | हिन्दू महाकाव्य में आपको यह लिखा मिलेगा की गरूड़ से अपनी रक्षा करने के लिए परमात्मा सर्प वासुकी एवं अन्य सर्प भगवान सुब्रमण्य के द्वारा सुरक्षा प्रदान करता है |

Kukke Subramanya Temple History in Hindi



About / कुक्के सुब्रमण्या मंदिर के बारे में

कुमारधारा नदी के किनारे पर स्थित एवं नदियों, पहाड़ों और जंगलों से घिरा यह मंदिर दिखने में काफी अदभुत है |  इस मंदिर के बाहरी और आंतरिक हॉल के मदद से आप इसके गर्भगृह तक पहुच सकते है | इस मंदिर के गर्भगृह  में भगवान की मूर्ति स्थापित है जो वासुकी के साथ स्थापित है, यहाँ आपको शेषनाग की प्रतिमा स्थापित मिलेंगा | मंदिर में प्रवेश करने के लिए यात्रियों को कुमारधारा नदी में स्नान कर कर मंदिर के पीछे की तरफ से आंगन में प्रवेश करना पड़ता है जहा से मूर्ति तक आने में मूर्ति के एक परिक्रमा हो जाती है |

इस मंदिर के गर्भगृह एवं बरामदा के प्रवेश द्वार के बीच एक स्तंभ स्थित है जिसे गरूड़ स्तम्भ कहा जाता है, जो चांदी से ढका हुआ है |  इस स्तम्भ के बारे में ऐसा कहा जाता है की स्तंभ में वासुकी का निवाश है जिनके सांस से आ रहे जहर से भक्तों को बचाने के लिए इसे चंडी से ढका गया था | स्तंभ के आगे एक हॉल है और उसके आगे एक अंतरीय हॉल जिसके बाद श्री सुब्रमण्य का गर्भगृह स्थित है | इस मंदिर में सर्प दोष की पूजा की जाती है | अगर कोई सर्प दोष से ग्रषित है तो वह इस पूजा को कर सकता है, इससे वह दोष मुक्त होता है |

History of Kukke Subramanya Temple / इतिहास

अन्य सभी मंदिरों के अनुसार इस मंदिर की अपनी पौराणिक कथा है | पौराणिक कथा के अनुसार राक्षस शासक थारका, शूरपदमसुर एवं इनके अनुयायियों का वध करने के उपरांत भगवान शनमुख अपने भाई गणेश एवं अपने प्रिय जानो के साथ कुमारा पर्वत पहुचे जहाँ इनका स्वागत भगवान इंद्र एवं इनके अनुयायियों के द्वारा किया गया | इनके यहाँ पहुचने पर इंद्र काफी प्रसन्न हुए एवं अपने बेटी से साईं करने के लिए कुमारा स्वामी से आग्रह करने लगे |



इनके इस प्रस्ताव को मान कर इनकी शादी कुमारा पर्वत पर हुई जिसमे भगवान ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र के साथ कई अन्य देवगण उपस्थित हुए | इस अवसर पर कुमारा स्वामी का राज्याभिषेक भी किया गया जिसके लिए कई पवित्र नदियों से जल इकठा किया गया था | सभी पवित्र नदियों के जल से महाभिषेक के क्रम जल के बहाव से नदी का निर्माण हुआ जिसे कुमारधारा नाम दिया गया | महान शिव भक्त एवं नागराज वासुकी गरुढ़ के हमले से बचने के लिए बिलादवारा गुफा में लम्बे समय से तपस्या कर रहे थे, भगवान शिव के आश्वासन के बाद, शंकुमा ने वासुकी को दर्शन दिया और उन्हें यह आशीर्वाद दिया कि वे इस स्थान पर अपने भक्त के साथ हमेशा के लिए निवास करेंगे |

Kukke Subramanya Temple Visiting Timing / दर्शन का समय

अगर आप इस स्थान का भ्रमण कर रहे हैं और इस मंदिर में पूजा करना चाहते है तो यह जानकारी आपके लिए काफी अहम् है | यह मंदिर श्रधालुओ के लिए सुबह 07:00 से 01:30 बजे तक एवं शाम को 03:30 से 08:00 बजे तक खुला रहता है |

इसके अलावा मंदिर में प्रातः पूजा (गौव-पूजा) 05:30 से 06:00 के बीच संपन्न होता है | दिन की पूजा 10:00 am से 12:15 pm तक होती है जिसके बाद प्रसाद वितरण होता है और प्रसाद वितरण के उपरांत मंदिर के गर्भगृह को बंद कर दिया जाता है | इस मंदिर में प्रसाद दो समय वितरण होता है एक दिन में 01:30 से पहले एवं संध्या काल में 08:00 से पहले |

Best Time to Visit Kukke Subramanya Temple

भारत के मंदिर भक्तो के लिए वर्ष भर दर्शन के लिए खुले होते है लेकिन कुछ खास मौसम में इन मंदिरों पर विशेष प्रावधान होता है जो दर्शको के लिए काफी आनंदायक होता है | वर्ष में आयोजित होने वाले पर्व नाग पंचमी, महाशिवरात्रि, मकरसंक्रांति आदि उत्सवों में विशेष आयोजन होता है, अगर आप इन अवसरों पर इस मंदिर का लुफ्त उठाना चाहते है तो यह आपके लिए काफी आनंददायक होगा |

Accommodation / रहने की वयस्था

किसी भी पर्यटन क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण चीज ठहरने का होता है | यहाँ इस मंदिर प्रशासन के द्वारा दर्शको को ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था कर रखी है जिसके लिए आप इसके site https://www.kukke.org/en/home.aspx से जानकारी प्राप्त कर सकते है | किसी प्रकार की असुविधा के लिए आप इसके सहायता केंद्र या इसके कार्यालय में संपर्क कर सकते है |

How to Visit / यहाँ कैसे पहुचे

By Air:- हवाई मार्ग से इस स्थान तक आने के लिए आप मंगलोर हवाई पतन का इस्तेमाल कर सकते है जो 120 km की दुरी पर स्थित है | यहाँ से आप अन्य सड़क परिवहन का इस्तेमाल कर सकते है |

By Train:- इस मंदिर के नजदीक का स्टेशन Subrahmanya Road station है जो मंदिर से 12 km की दुरी पर स्थित है जो आसपास के बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है |

By Bus:- कर्नाटक सड़क परिवहन मंदिर से कई मुख्य शहरों को जोड़ता है जो हमे मंदिर तक बड़े आसानी पूर्वक पहुचने का कार्य करता है |

अगर आपके पास भी इस मंदिर से जुडी कोई अन्य जानकारी हो तो आप यहाँ पर आपनी बात रख सकते हैं |

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