Keibul Lamjao National Park in Hindi – किबुल लम्जो

पूर्वी भारत में Keibul Lamjao National Park, Manipur state में located है | Tourist के लिए best time to visit, entrance timing, fees और nearby places to visit से जुडी जानकारी | यह  एक  की राष्ट्रीय उद्यान है जो की के तांगा शहर के पास में बिष्णुपुर जिले में स्थित है।  इस park का स्थापना 28 मार्च सन 1977 में हुआ था । यह park पूर्वोत्तर भारत में लगभग 40 sq. Km के area में फैला हुआ है । ये पुरे विश्व में एकमात्र तैरता हुआ (floating) national park है और मणिपुर की world famous “लोकतक झील” का एक अभिन्न हिस्सा भी है। इस park में अधिकतर वनस्पति तैरते हुए दलदल के रूप में है जिसे “फुम्दी” भी कहा जाता हैं। यह park खुद में एक अनोखा park है। यहाँ कई तरह के पशु और पक्षी रहते है।

Kanger ghati national park entrace gate



इस park की सबसे आकर्षित करने वाली चीज है विलुप्त हो रहे “एल्ड हिरण” और “बारहसिंघा” है  जिसे  यहाँ के स्थानीय लोग “संगाई” नाम से जानते है। संगाई के नाच की वजह से बिष्णुपुर और मणिपुर famous है। Keibul Lamjao को National Park इसलिए घोषित किया गया था ताकि संगाई की रक्षा की जा सके । कहा जाता है की इंसानों द्वारा संगाई का शिकार कर के उसे आहार बनाये जाने की वजह से संगाई हिरणों की संख्या कम हो गई थी जिसकी वजह से सन 1951 में मणिपुर के सरकार ने इसके विलुप्त होने की घोषणा भी कर दी थी । लेकिन व्यापक खोज के बाद जब कुछ संगाई मिलने लगे तो उसे बचाने के लिए हीं 1954 में केइबुल लामजाओ अभयारण्य की establishment की गई। अभयारण्य की establishment के बाद भी संगाई हिरणों के अवैध शिकार पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लग पाई जिसकी वजह से सन 1977 तक केवल 18 संगाई हीं मिल पाए । कई तरह के प्रयास के बाद सन 1986 में इस हिरण की संख्या में बढ़ोतरी हुई और ये 18 से बढकर 95 हो गए । कई कोशिशो के बाद आहिस्ता आहिस्ता इनकी संख्या बढ़ती चली गई ।

National Park घोषित करने से पूर्व इसे अभयारण्य घोषित किया गया था । ये park एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ देश विदेश से लोग घुमने आते है । निचे Keibul Lamjao National Park से जुड़ी कुछ और जानकारियां दी गई है जैसे की इस park को घुमने का सबसे अच्छा समय कौन सा होता है, यहाँ देखने के लिए क्या क्या चीजे है, इस park तक कैसे जाया जाता है, आदि  ।

Best Time to Visit /  कब जाएँ :-

इस park को घुमने का सबसे सही समय होता है October से लेकर march तक का । October से march के बिच के मौसम में इस उद्यान का सौन्दर्य और भी खुबसूरत दिखाई देता है । यदि आप Keibul Lamjao National Park में संगई निवास स्थान का नज़ारे का मज़ा लेना चाहते है तो आप यहाँ morning के 9 बजे या फिर evening के समय में जाएँ ।

How to Reach / कैसे जाएँ :-

इस उद्यान तक आप train, bus या फिर flight के जरिये से भी पहुँच सकते है । इस उद्यान से सबसे करीब “इम्फाल” शहर है जहाँ तक पहुँचने के लिए दिल्ली, कलकत्ता व गुवाहाटी से वायुसेवा उपलब्ध है। इम्फाल से केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान की दूरी लगभग 53 km है । वैसे तो इम्फाल तक पहुँचने के लिए दीमापुर सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन है , लकिन इस route को safe नहीं माना जाता है। इसलिए गुवाहाटी तक train से जाने के बाद वहां से डीलक्स बस या फिर  टैक्सी लेकर इम्फाल तक पहुंचना उचित होता है ।



इसके अलावा आप roadway से भी इम्फाल तक जा सकते है जिसमे आपको नागालैण्ड से होकर गुजरना होगा और इसके लिए आपको ‘इनर लाइन परमिट’ की आवश्यक पड़ेगी । ये परमिट आपको  नागालैण्ड government के New Delhi, Calcutta, Guwahati, Shillong तथा dimapur स्थित offices से हीं मिल सकते हैं। केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा इम्फाल हवाई अड्डा हीं है । 

 केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान में कहां रुके : 

केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान में tourist के रहने के लिए पूरा प्रबन्ध किया गया है। वन विभाग की तरफ इस park के अंदर दो विश्रामवाही हैं एक फ़ुलाबा और दूसरा सेंडा में है, जो लोकताक झील पर मुख्य द्वीप कहलाता है। लोकताक झील के बीचो बीच एक Sandra Tourist Center भी बना हुआ है । इसके अलावा मोईरांग में भी रुकने का अच्छा प्रबंध किया गया है।

आप चाहे तो इम्फाल में भी ठहर कर केबुल लामजाओ घुमने जा सकते है । यहाँ से भी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट बस या फिर टैक्सी की भी व्यवस्था की गई है।

Where to Eat / केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान में खाने का होटल :-

वैसे तो यहाँ कई सारे होटल मिल जायेंगे लेकिन “चाक्लुक होटल” यहाँ की सबसे famous होटल है । इस होटल में 5 अलग अलग तरह की व्यंजन बनाई जाती है जिसे चावल के साथ खाया जाता है ।

Things to See / क्या-क्या देखें :

इस उद्यान में सबसे ज्यादा बेशकीमती चीज जो देखने लायक है वो है “संगाई” जो की world की सबसे खतरनाक हिरण की प्रजाति है। इस हिरण को मणिपुरी भाषा में “संगाई” कहते है। हिन्दी भाषा में इस हिरण को थामिन और English में इसे ब्रो एंटलर्ड डियर कहते है । संगाई का  scientific name “सरकस एल्डी” है । जब दलदली टापुओं पर संगाई झुण्ड बना कर नृत्य करते है तो वो दृश्य देखने लायक होता है ।

इनके अलावा इस उद्यान में देखने के लिए हॉग डियर, जंगली सूअर, गिलहरी, लंगूर आदि कई तरह के पशु और जलीय पक्षी भी मिलेंगे । अगर आपको प्रवासी पक्षियों को देखना हो तो आप नवम्बर से लेकर मार्च के बिच में जाएँ क्यूंकि इस समय इन पक्षियों के चहचहा से पुरे उद्यान की वादियां गूंज उठती हैं। इस उद्यान में हर मौसम में खिलने कई सारे जंगली फूल भी देखने लायक होते है ।

इसके अलावा लोकताक झील के बिच में बना सैंद्रा कैफेटेरिया व निकटवर्ती मोईरांग कस्बे जरुर से जाएँ । कहते है की ये एक ऐतिहासिक शहर ‘खुंबा-थोईबी’ की याद दिलाता है जिसकी अमर प्रेम की कहानी मणिपुर के हर घर में सुनके को मिल जाती है। 

केइबुल लामाजो राष्ट्रीय उद्यान में shopping की जगह :–

“इमा मार्केट” shopping के लिए बहुत हीं अच्छी जगह है जो की मणिपुर की राजधानी का सबसे famous market है। इस market की सबसे विशेष बात ये है की यहाँ की सभी विक्रेतायें आपको केवल महिलाएं हीं मिलेगी ।

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