Baijnath Shiv Temple – History, Timing – बैजनाथ शिव मंदिर

जानिए बैजनाथ शिव मंदिर के बारे में जो की हिमाचल प्रदेश में हैं | पढ़े इसकी history, entry timing, इसे किसने बनवाया था, इस स्थान पर कैसे पहुचे और कई जानकारी | हमारे देश में ईस्वर  को कई अलग अलग रूप में पूजा जाता है | यहाँ स्थित विभिन्न पूजा स्थलों के कारण यह देवी देवताओ की भूमि है इसके चारो और प्रशिद्ध मंदिर एवं तीर्थस्थल स्थित है | जिसमे से एक तीर्थ स्थल के रूप में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर प्रसिद्ध है | क्या आप जानते है इस मंदिर से जुडी आवश्यक तथ्य | आइए आज जानते है इस मंदिर के बारे में |
History of Baijnath Shiv Temple detail in Hindi



बैजनाथ मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित काँगड़ा जिला के पालमपुर से 16 km की दुरी पर बीआस घाटी में स्थित है | यह मंदिर हिन्दू देवता भगवान शिव को समर्पित है | यह मंदिर 1,000 वर्ष पुराना है, इस मंदिर का निर्माण 1204 ई. में आहुक एवं मनुक द्वारा स्थापित किया गया था | इस मंदिर के आस पास और भी कई मंदिर का इस्तेमाल किया गया है | इस मंदिर से 22 km की दुरी पर माता चामुंडा देवी का मंदिर स्थित है | धार्मिकता के अनुसार यह मंदिर लोगो के बीच एक पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में famous है | यह मंदिर पठानकोट-मंडी राजमार्ग पर स्थित है | इस स्थान का पौराणिक नाम कीरग्राम था परन्तु मंदिर के बढ़ते आकर्षण के कारण इसका नाम मंदिर के नाम पर बैजनाथ रखा गया | मंदिर के बगल से एक नदी बहती है जो ब्यास नदी का सहायक नदी है |

History

इस मंदिर के बारे में एक बहुत ही रोचक कहानी कही गई है | यह कहानी त्रेता यूग की है | एक समय लंका के राजा रावन जो काफी प्रतापी एवं प्राकर्मी था वह कई देवो को अपने वश में कर बंद बना कर रखे हुए था | वह एक समय कैलाश पर्वत पर भगवान शिव को प्रशन्न करने के लिए नियमित तपस्या कर रहा था | जब लम्बे समय तक उसके तपस्या का कोई फल नहीं प्राप्त हुआ तो रावन शिव को प्रशन्न करने के लिए घोर तपस्या करने लगा और अग्नि कुण्ड अपने सर की आहुति डालने लगा | जब उसने अपने 9 मुंडी काट कर डाल दिया और आखरी सर काटने के लिए तलवार उठाया उसी समय भगवान शिव प्रकट हुए और उसे ऐसा करने से रोके और उसके सभी कटे हुए सर को पुनः स्थापित कर दिए और रावन से वरदान मांगने को कहे | रावन वरदान के रूप में स्वयं शिव को शिवलिंग के रूप में स्थापित करने की बात को कहा और शिव से शिवलिंग की मांग की | शिव उसके बात को मान गए और रावन को शिवलिंग देने से पहले उसे यह बताए की इसे कही रखना नहीं है | तुम इस चिन्ह को जहा रखोगे मई वही बैठा रह जाऊंगा और फिर कभी नहीं उठूँगा | यह कह कर भगवान शिव रावन के हाथ में शिवलिंग दिए और अंतर्ध्यान हो गए |



शिवलिंग पा कर रावन काफी प्रशन्न हुआ और वह लंका की ओर बढ़ चला | कैलाश से निकलते ही रावन को लघुशंका लगी थोड़ी समय तो रावन बर्दाश कर लिए पर उसके बाद रावन व्याकुल हो उठा | बैजनाथ पहुचने पर रावन को बैजू नाम का एक ग्वाला मिला रावन उस ग्वाले को सभी बातो को बता कर रावन शंका निवारण के लिए चला गया | बैजू थोड़े समय के बाद शिवलिंग को अपने हांथो पर थाम नहीं सका और वह उसे जमीन पर रख कर चला गया | रावन जब वापस आया तो शिवलिंग को जमीन पर रखा देखा | रावन इस शिवलिंग को उठाने का कोशिश किया पर उठा नहीं सका | भगवान के इस लीला को समझ गया एवं रावन लंका को लौट गया | ग्वाला द्वारा रखे गये शिवलिंग आज भी स्थित है जिसे लोग कामना लिंग के रूप में जानते है और यह स्थान बैजनाथ के नाम से प्रचलित हुआ | इस स्थान पर मंदिर का निर्माण द्वापर युग में पांडवो के द्वारा अज्ञातवास के दौरान किया गया था | बाद में आहुक एवं मनुक नाम के व्यापारी के द्वारा इसे बनाया गया |

How to Reach

By Air – अगर आप इस मंदिर तक पहुचने के लिए हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर रहे है तो आप Gaggal airport आ सकते है जिसकी दुरी 37 km है, इसके अलावा आप bhuntar airport आ सकते है जो मंदिर से 46 km की दुरी पर स्थित है | इन हवाईपतन पर पहुचने के उपरांत यहाँ से आप टैक्सी या cab का इस्तेमाल कर सकते है |

By Train – इस मंदिर के नजदीकी स्टेशन Amb Andaura 65 km एवं Churaru Takrala 68 km की दुरी पर स्थित है | इन सभी स्थानों से आप मंदिर सड़क मार्ग के मदद से पहुच सकते है |

By Bus – बैजनाथ धाम आस पास के सभी बड़े शहरों से सड़क मार्ग से जुदा हुआ है | सरकार के द्वारा भी कई प्रकार के पर्यटन बसों का संचालन कर रखी है जो आपको मंदिर तक बड़ी आसानी से पंहुचा देती है |

Best Time to Visit

मंदिर भक्तो के लिए पुरे वर्ष खुले रहते है जिससे पर्यटक पुरे वर्ष यहाँ का लुफ्त उठा सकते है | परन्तु अगर आप इस मंदिर आना चाहते है तो अगस्त से सितम्बर के मध्य या किसी अन्य उन त्योहार में आ सकते है जो भगवान शिव के लिए प्रशिद्ध है |

Establishment: 1204

Establishment By: Manyuka and Ahuka

Address:

Baijnath Temple
Located at: NH-20
Place: Baijnath
City: Kangra
State: Himachal Pradesh
Pin Code: 176125

Nearest City:

  • Palampur: 16 km
  • Jalandhar: 192 km
  • Chandigarh: 251 km
  • Delhi: 350 km
  • Dehradun: 240 km
  • Kullu: 150 km
  • Manali: 183 km
  • Pathankot: 132 km
  • Ambala: 305 km
  • Kalka: 250 km

Nearest Place to Visit:

  • Kareri Lake
  • Brajeshwari Temple
  • Kangra Fort
  • Indrahar Pass
  • Dhauladhar Range

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